सुप्रीम कोर्ट के फैसले बाद देश की ज्यादातर यूनिवर्सिटीज में ओपन बुक मेथड से हो रही फाइनल ईयर परीक्षाएं, जानें क्या हैं ओपन बुक एग्जामिनेशन पैटर्न

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31 मिनट पहले

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कॉलेज- यूनिवर्सिटीज की फाइनल ईयर परीक्षाओं के लिए यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) की गाइडलाइन्स के मुताबिक एग्जाम इस महीने 30 तारीख तक पूरी होनी है। UGC के इस फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने भी मुहर भी लगा दी है। हालांकि, कोर्ट ने यह भी साफ किया था कि अगर एग्जाम कराने में किसी यूनिवर्सिटी या राज्य को कोई परेशानी है, तो वह सीधे UGC से बात कर सकते हैं। साथ ही जो छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे, उन्हें बाद में हालात अनुकूल होने पर परीक्षा के लिए एक और मौका दिया जाएगा।

परीक्षाओं की तैयारियों में लगी यूनिवर्सिटीज

UGC ने अपनी गाइ़लाइन में यूनिवर्सिटीज को यह भी ऑप्शन दिया कि विश्वविद्यालय पेन- पेपर, या ऑनलाइन किसी भी मोड में 30 सितंबर तक परीक्षा का आयोजन करना जरूरी है। वहीं, कोर्ट के फैसले के बाद यह नियम सभी कॉलेज/यूनिवर्सिटी पर लागू होंगे। कोर्ट के फैसले बाद सभी यूनिवर्सिटी अब फाइनल ईयर परीक्षाओं की तैयारियों में लगी हुई। कई यूनिवर्सिटी ने तो परीक्षा के लिए तारीख जारी कर दी है, जबकि कई जगह परीक्षाएं शुरू हो चुकी है। मौजूदा हालात को देखते हुए ज्यादातर कॉलेज या सूनिवर्सिटी ने ओपन बुक एग्जाम कराने का फैसला लिया है।

क्या है ओपन बुक एग्जाम?

ओपन बुक एग्जाम में स्टूडेंट्स परीक्षा के दौरान किताबें, नोट्स और अन्य स्टडी मटेरियल की मदद ले सकते हैं। ऑनलाइन ओपन बुक एग्जाम में स्टूडेंट्स को ऑनलाइन क्वेश्चन पेपर दे दिया जाएगा, जिसे उन्हें डाउनलोड करके सॉल्व करना होगा। बाद में परीक्षा पूरी होने पर आन्सर शीट को स्कैन करेंगे और वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। एग्जाम के अलावा स्टूडेंट्स को 1 घंटे का अतिरिक्‍त समय प्रश्न पत्र को डाउनलोड करने और आंसर शीट्स को स्कैन करके अपलोड करने के लिए दिया जाएगा। साथ ही एग्जाम शुरू होने के बाद 3 घंटे के अंदर ही स्टूडेंट्स को आंसर शीट्स पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी।

परीक्षाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला

इससे पहले कोरोना के बीच कॉलेज की फाइनल ईयर की परीक्षाएं करवाने के खिलाफ दायर अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट पर फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने यूजीसी की 6 जुलाई की गाइडलाइंस को सही माना था। कोर्ट ने कहा था कि, ‘राज्यों को परीक्षा रद्द करने का अधिकार है, लेकिन स्टूडेंट्स बिना परीक्षा दिए प्रमोट नहीं हो सकते। हालांकि, मौजूदा हालात में राज्य आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत परीक्षाओं की डेडलाइन आगे बढ़ाने पर फैसला ले सकते हैं, लेकिन छात्रों के भविष्य को देखते हुए यूजीसी की गाइडलाइंस के हिसाब से ही चलना होगा।’

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